Nation News Group https://nationnewsgroup.com National News Portal Sat, 05 Sep 2026 10:51:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा https://nationnewsgroup.com/dm-cracks-down-on-stray-animals-a-survey-will-be-conducted-and-all-data-uploaded-to-the-portal/ Sat, 05 Sep 2026 10:51:17 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77653 एबीसी-एआरवी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश, पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर

देहरादून। मा. उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एबीसी-एआरवी कार्यक्रम तथा निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने नगर निकायों को आवारा पशुओं एवं श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर समग्र डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक डेटा के आधार पर आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिलाधिकारी ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) एवं एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस में पहुंचाकर उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

55 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए गए हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए वर्तमान में 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं, जबकि पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।

883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ चार पशुवाहन तैनात किए गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल, एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

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आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा https://nationnewsgroup.com/dm-cracks-down-on-stray-animals-a-survey-will-be-conducted-and-all-data-uploaded-to-the-portal-2/ Sat, 05 Sep 2026 10:50:47 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77652 एबीसी-एआरवी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश, पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर

देहरादून। मा. उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एबीसी-एआरवी कार्यक्रम तथा निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने नगर निकायों को आवारा पशुओं एवं श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर समग्र डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक डेटा के आधार पर आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिलाधिकारी ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) एवं एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस में पहुंचाकर उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

55 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए गए हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए वर्तमान में 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं, जबकि पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।

883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ चार पशुवाहन तैनात किए गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल, एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

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23 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था वारंटी, ‘ऑपरेशन प्रहार’ में दून पुलिस ने किया गिरफ्तार https://nationnewsgroup.com/wanted-man-had-been-evading-police-for-23-years-dehradun-police-arrested-him-during-operation-prahar-2/ Sat, 05 Sep 2026 10:28:58 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77647 देहरादून। दून पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी जगदीश पिछले 23 वर्षों से फरार था। उसके खिलाफ वर्ष 2003 में बसंत विहार थाने में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में न्यायालय के समक्ष पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर वर्तमान में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सभी थाना पुलिस को न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बसंत विहार पुलिस ने वर्ष 2003 में दर्ज मुकदमे में फरार चल रहे आरोपी की तलाश तेज की।

पुलिस के अनुसार, थाना बसंत विहार में मु0अ0सं0 45/03, धारा 323, 504 और 506 आईपीसी के तहत जगदीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में वाद संख्या 209/03 के तहत एसीजेएम चतुर्थ कोर्ट से आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार सुरागरसी-पतारसी करते हुए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी देहरादून आया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 5 सितंबर 2026 को बसंत विहार क्षेत्र में दबिश देकर वारंटी अभियुक्त जगदीश को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जगदीश पुत्र स्वर्गीय मंगल सिंह, निवासी ग्राम तिलहिया, थाना चतरा, झारखंड, हाल निवासी शास्त्रीनगर खाला, थाना बसंत विहार, देहरादून, उम्र 55 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस टीम में अपर उप निरीक्षक विजय प्रकाश, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल विपिन शामिल रहे।

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23 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था वारंटी, ‘ऑपरेशन प्रहार’ में दून पुलिस ने किया गिरफ्तार https://nationnewsgroup.com/wanted-man-had-been-evading-police-for-23-years-dehradun-police-arrested-him-during-operation-prahar/ Sat, 05 Sep 2026 10:28:27 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77646 देहरादून। दून पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी जगदीश पिछले 23 वर्षों से फरार था। उसके खिलाफ वर्ष 2003 में बसंत विहार थाने में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में न्यायालय के समक्ष पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर वर्तमान में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सभी थाना पुलिस को न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बसंत विहार पुलिस ने वर्ष 2003 में दर्ज मुकदमे में फरार चल रहे आरोपी की तलाश तेज की।

पुलिस के अनुसार, थाना बसंत विहार में मु0अ0सं0 45/03, धारा 323, 504 और 506 आईपीसी के तहत जगदीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में वाद संख्या 209/03 के तहत एसीजेएम चतुर्थ कोर्ट से आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार सुरागरसी-पतारसी करते हुए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी देहरादून आया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 5 सितंबर 2026 को बसंत विहार क्षेत्र में दबिश देकर वारंटी अभियुक्त जगदीश को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जगदीश पुत्र स्वर्गीय मंगल सिंह, निवासी ग्राम तिलहिया, थाना चतरा, झारखंड, हाल निवासी शास्त्रीनगर खाला, थाना बसंत विहार, देहरादून, उम्र 55 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस टीम में अपर उप निरीक्षक विजय प्रकाश, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल विपिन शामिल रहे।

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देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट https://nationnewsgroup.com/rising-threat-of-swine-flu-in-the-country-stay-alert-to-these-signs-even-in-the-absence-of-fever/ Sat, 05 Sep 2026 10:17:28 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77641 देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। अगस्त के अंत तक दिल्ली में संक्रमितों का आंकड़ा 3200 के पार पहुंच गया था, जबकि उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर तक H1N1 के 685 मामलों की प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हो चुकी थी। कुछ राज्यों में संक्रमण से मौत के मामले भी सामने आए हैं।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के होते हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज के मरीजों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है।

सिर्फ तेज बुखार को न मानें फ्लू का संकेत

स्वाइन फ्लू का नाम आते ही आमतौर पर तेज बुखार, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण ध्यान में आते हैं। लेकिन H1N1 संक्रमण की पहचान केवल बुखार के आधार पर नहीं की जा सकती। कई मामलों में व्यक्ति को बुखार नहीं होता, फिर भी वह इन्फ्लुएंजा से संक्रमित हो सकता है।

अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार कुछ लोगों में फ्लू से जुड़े सांस संबंधी लक्षण बुखार के बिना भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और असामान्य थकान जैसे संकेतों को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर टालना ठीक नहीं है।

हर मरीज में एक जैसे लक्षण नहीं होते

H1N1 संक्रमण के लक्षण व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। बुजुर्गों में फ्लू होने के बावजूद बुखार न आना संभव है। ऐसे मरीजों में भूख कम लगना, कमजोरी या अन्य सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

वहीं बच्चों में सांस से जुड़े लक्षणों के साथ उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए केवल किसी एक लक्षण की मौजूदगी या अनुपस्थिति से H1N1 संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती।

लक्षण दिखने पर खुद से न करें बीमारी का अनुमान

फैमिली फिजिशियन डॉ. अरविंद डबास के मुताबिक खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना और थकान जैसे लक्षण केवल फ्लू में ही नहीं, बल्कि कई दूसरे सांस संबंधी संक्रमणों में भी हो सकते हैं। ऐसे में सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि मरीज H1N1 से संक्रमित है या नहीं।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर फ्लू की पुष्टि के लिए जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इसके लिए रैपिड फ्लू टेस्ट के अलावा मॉलिक्यूलर टेस्ट भी उपलब्ध हैं। मॉलिक्यूलर टेस्ट वायरस के आनुवंशिक पदार्थ यानी वायरल RNA की पहचान करता है और आमतौर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की तुलना में ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।

हालांकि प्रत्येक मरीज के लिए जांच जरूरी नहीं होती। डॉक्टर मरीज के लक्षण, संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जांच की जरूरत तय करते हैं।

सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को फ्लू नहीं हो सकता। खासतौर पर बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बिना बुखार के भी इन्फ्लुएंजा संक्रमण हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

यदि फ्लू जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हों, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या हालत बिगड़ती नजर आए तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ मरीजों में डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

संक्रमण फैलने के खतरे को भी समझें

H1N1 को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति को बीमारी का स्पष्ट पता चलने से पहले भी वायरस दूसरों तक पहुंच सकता है। संक्रमण के शुरुआती दिनों में इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है।

इसलिए फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर केवल बुखार का इंतजार करना सही रणनीति नहीं है। खांसी, गले में खराश, नाक संबंधी परेशानी और असामान्य थकान जैसे संकेतों पर भी ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न माना जाए।

(साभार)

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देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट https://nationnewsgroup.com/rising-threat-of-swine-flu-in-the-country-stay-alert-to-these-signs-even-in-the-absence-of-fever-2/ Sat, 05 Sep 2026 10:16:56 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77640 देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। अगस्त के अंत तक दिल्ली में संक्रमितों का आंकड़ा 3200 के पार पहुंच गया था, जबकि उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर तक H1N1 के 685 मामलों की प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हो चुकी थी। कुछ राज्यों में संक्रमण से मौत के मामले भी सामने आए हैं।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के होते हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज के मरीजों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है।

सिर्फ तेज बुखार को न मानें फ्लू का संकेत

स्वाइन फ्लू का नाम आते ही आमतौर पर तेज बुखार, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण ध्यान में आते हैं। लेकिन H1N1 संक्रमण की पहचान केवल बुखार के आधार पर नहीं की जा सकती। कई मामलों में व्यक्ति को बुखार नहीं होता, फिर भी वह इन्फ्लुएंजा से संक्रमित हो सकता है।

अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार कुछ लोगों में फ्लू से जुड़े सांस संबंधी लक्षण बुखार के बिना भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और असामान्य थकान जैसे संकेतों को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर टालना ठीक नहीं है।

हर मरीज में एक जैसे लक्षण नहीं होते

H1N1 संक्रमण के लक्षण व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। बुजुर्गों में फ्लू होने के बावजूद बुखार न आना संभव है। ऐसे मरीजों में भूख कम लगना, कमजोरी या अन्य सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

वहीं बच्चों में सांस से जुड़े लक्षणों के साथ उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए केवल किसी एक लक्षण की मौजूदगी या अनुपस्थिति से H1N1 संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती।

लक्षण दिखने पर खुद से न करें बीमारी का अनुमान

फैमिली फिजिशियन डॉ. अरविंद डबास के मुताबिक खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना और थकान जैसे लक्षण केवल फ्लू में ही नहीं, बल्कि कई दूसरे सांस संबंधी संक्रमणों में भी हो सकते हैं। ऐसे में सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि मरीज H1N1 से संक्रमित है या नहीं।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर फ्लू की पुष्टि के लिए जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इसके लिए रैपिड फ्लू टेस्ट के अलावा मॉलिक्यूलर टेस्ट भी उपलब्ध हैं। मॉलिक्यूलर टेस्ट वायरस के आनुवंशिक पदार्थ यानी वायरल RNA की पहचान करता है और आमतौर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की तुलना में ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।

हालांकि प्रत्येक मरीज के लिए जांच जरूरी नहीं होती। डॉक्टर मरीज के लक्षण, संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जांच की जरूरत तय करते हैं।

सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को फ्लू नहीं हो सकता। खासतौर पर बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बिना बुखार के भी इन्फ्लुएंजा संक्रमण हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

यदि फ्लू जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हों, सांस लेने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या हालत बिगड़ती नजर आए तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ मरीजों में डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

संक्रमण फैलने के खतरे को भी समझें

H1N1 को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति को बीमारी का स्पष्ट पता चलने से पहले भी वायरस दूसरों तक पहुंच सकता है। संक्रमण के शुरुआती दिनों में इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है।

इसलिए फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर केवल बुखार का इंतजार करना सही रणनीति नहीं है। खांसी, गले में खराश, नाक संबंधी परेशानी और असामान्य थकान जैसे संकेतों पर भी ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न माना जाए।

(साभार)

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दून पुलिस ने किया मंदिर चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार https://nationnewsgroup.com/dehradun-police-solve-temple-theft-case-three-accused-arrested/ Sat, 05 Sep 2026 09:48:50 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77635 देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर में हुई चोरी का दून पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां समेत अन्य सामान चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चोरी का सामान खरीदने वाले एक कबाड़ी को भी पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई अष्टधातु की मूर्तियां, घंटा, दीये, थालियां, शिवलिंग और नकदी बरामद हुई है।

पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर को भगवंतपुर निवासी पंकज जोशी ने राजपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर से अज्ञात चोर अष्टधातु की मूर्तियां, घंटियां, दीये, अष्टधातु की थाली, शिवलिंग और नकदी चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मंदिर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ पूर्व में इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे संदिग्धों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।

पुलिस की जांच के दौरान 4 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर भंडार गांव, पुरुकुल रोड के पास से सिद्धार्थ थापा और अंकित भंडारी को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मंदिर से चोरी किया गया सामान और नकदी बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि चोरी के कुछ सामान को उन्होंने शत्रुघ्न नाम के कबाड़ी को बेच दिया था।

इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंगल तिराहा, पुरुकुल रोड के पास जंगल से शत्रुघ्न को भी चोरी का सामान खरीदने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सिद्धार्थ और अंकित ने बताया कि दोनों नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने मंदिर की पहले रेकी की थी। इसके बाद सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी के कुछ सामान को कबाड़ी शत्रुघ्न को बेचकर मिली रकम को उन्होंने नशे की जरूरतों में खर्च कर दिया।

वहीं, पुलिस के अनुसार शत्रुघ्न ने पूछताछ में बताया कि वह राजपुर के काठ बंगला क्षेत्र में कबाड़ी की दुकान चलाता है। अधिक मुनाफा कमाने के लालच में उसने दोनों आरोपियों से चोरी का सामान कम कीमत में खरीदा था और उसे महंगे दामों पर बेचने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

बरामद सामान
अष्टधातु की 4 मूर्तियां
अष्टधातु का 1 घंटा
अष्टधातु के 2 दीये
अष्टधातु की 3 थालियां
अष्टधातु की 1 तश्तरी
अष्टधातु का 1 शिवलिंग
2,000 रुपये नकद

गिरफ्तार आरोपी
सिद्धार्थ थापा, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून, उम्र 31 वर्ष
अंकित भंडारी, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून, उम्र 32 वर्ष
शत्रुघ्न, निवासी बिहार, हाल निवासी काठ बंगला, राजपुर, देहरादून, उम्र 52 वर्ष

पुलिस टीम

कार्रवाई करने वाली टीम में उप निरीक्षक प्रवीण सैनी, चौकी प्रभारी कुठाल गेट, कांस्टेबल सत्येंद्र और कांस्टेबल सुरेंद्र शामिल रहे।

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दून पुलिस ने किया मंदिर चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार https://nationnewsgroup.com/dehradun-police-solve-temple-theft-case-three-accused-arrested-2/ Sat, 05 Sep 2026 09:48:27 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77634 देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर में हुई चोरी का दून पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां समेत अन्य सामान चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चोरी का सामान खरीदने वाले एक कबाड़ी को भी पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई अष्टधातु की मूर्तियां, घंटा, दीये, थालियां, शिवलिंग और नकदी बरामद हुई है।

पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर को भगवंतपुर निवासी पंकज जोशी ने राजपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि पुरुकुल रोड स्थित माता भरना देवी मंदिर से अज्ञात चोर अष्टधातु की मूर्तियां, घंटियां, दीये, अष्टधातु की थाली, शिवलिंग और नकदी चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मंदिर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ पूर्व में इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे संदिग्धों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।

पुलिस की जांच के दौरान 4 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर भंडार गांव, पुरुकुल रोड के पास से सिद्धार्थ थापा और अंकित भंडारी को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मंदिर से चोरी किया गया सामान और नकदी बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि चोरी के कुछ सामान को उन्होंने शत्रुघ्न नाम के कबाड़ी को बेच दिया था।

इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंगल तिराहा, पुरुकुल रोड के पास जंगल से शत्रुघ्न को भी चोरी का सामान खरीदने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सिद्धार्थ और अंकित ने बताया कि दोनों नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने मंदिर की पहले रेकी की थी। इसके बाद सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी के कुछ सामान को कबाड़ी शत्रुघ्न को बेचकर मिली रकम को उन्होंने नशे की जरूरतों में खर्च कर दिया।

वहीं, पुलिस के अनुसार शत्रुघ्न ने पूछताछ में बताया कि वह राजपुर के काठ बंगला क्षेत्र में कबाड़ी की दुकान चलाता है। अधिक मुनाफा कमाने के लालच में उसने दोनों आरोपियों से चोरी का सामान कम कीमत में खरीदा था और उसे महंगे दामों पर बेचने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

बरामद सामान
अष्टधातु की 4 मूर्तियां
अष्टधातु का 1 घंटा
अष्टधातु के 2 दीये
अष्टधातु की 3 थालियां
अष्टधातु की 1 तश्तरी
अष्टधातु का 1 शिवलिंग
2,000 रुपये नकद

गिरफ्तार आरोपी
सिद्धार्थ थापा, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून, उम्र 31 वर्ष
अंकित भंडारी, निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून, उम्र 32 वर्ष
शत्रुघ्न, निवासी बिहार, हाल निवासी काठ बंगला, राजपुर, देहरादून, उम्र 52 वर्ष

पुलिस टीम

कार्रवाई करने वाली टीम में उप निरीक्षक प्रवीण सैनी, चौकी प्रभारी कुठाल गेट, कांस्टेबल सत्येंद्र और कांस्टेबल सुरेंद्र शामिल रहे।

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‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये https://nationnewsgroup.com/mirzapur-the-movie-creates-a-buzz-in-theatres-heres-how-many-crores-the-film-earned-on-its-opening-day/ Sat, 05 Sep 2026 07:09:44 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77629 लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, वह आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। जन्माष्टमी के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर पहले से बना माहौल अब कमाई के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर अच्छी कमाई करते हुए 24.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।

फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता का फायदा फिल्म को पहले दिन ही मिलता नजर आया। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और रवि किशन जैसे चर्चित कलाकारों की मौजूदगी ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ाई है।

फिल्म में एक बार फिर फ्रेंचाइजी के पुराने और पसंदीदा किरदारों की वापसी हुई है। यही वजह है कि रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सिनेमाघरों तक जबरदस्त चर्चा बनी हुई थी। अब शुरुआती कलेक्शन ने मेकर्स की उम्मीदों को भी मजबूती दी है।

‘हनुमान अंश’ का जलवा जारी

वहीं दूसरी ओर ‘हनुमान अंश’ भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। फिल्म ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘टॉक्सिक’ को काफी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा शुक्रवार को ‘इरुमुडी’ की कमाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।

अब वीकेंड पर ‘मिर्जापुर द मूवी’ की कमाई में कितना उछाल आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए फिल्म के निर्माताओं को शनिवार और रविवार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

(साभार )

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‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये https://nationnewsgroup.com/mirzapur-the-movie-creates-a-buzz-in-theatres-heres-how-many-crores-the-film-earned-on-its-opening-day-2/ Sat, 05 Sep 2026 07:09:09 +0000 https://nationnewsgroup.com/?p=77628 लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, वह आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। जन्माष्टमी के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर पहले से बना माहौल अब कमाई के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर अच्छी कमाई करते हुए 24.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।

फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता का फायदा फिल्म को पहले दिन ही मिलता नजर आया। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और रवि किशन जैसे चर्चित कलाकारों की मौजूदगी ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ाई है।

फिल्म में एक बार फिर फ्रेंचाइजी के पुराने और पसंदीदा किरदारों की वापसी हुई है। यही वजह है कि रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सिनेमाघरों तक जबरदस्त चर्चा बनी हुई थी। अब शुरुआती कलेक्शन ने मेकर्स की उम्मीदों को भी मजबूती दी है।

‘हनुमान अंश’ का जलवा जारी

वहीं दूसरी ओर ‘हनुमान अंश’ भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। फिल्म ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘टॉक्सिक’ को काफी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा शुक्रवार को ‘इरुमुडी’ की कमाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।

अब वीकेंड पर ‘मिर्जापुर द मूवी’ की कमाई में कितना उछाल आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए फिल्म के निर्माताओं को शनिवार और रविवार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

(साभार )

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